Naresh Das Vaishnav Nimbark
सनातन वैष्णव बैरागी परम्परा का शोध, इतिहास और पुनर्जागरण — जहाँ बंदूक छूटी, वहाँ कलम उठी। | बंदा बैरागी | जगतगुरु निम्बार्काचार्य | वैष्णव बैरागी इतिहास | 20 पुस्तकें | 190 देश

24 वर्ष सैन्य सेवा | 18 वर्ष ऐतिहासिक शोध | 20 पुस्तकें | 190 देश
सनातन वैष्णव बैरागी परम्परा भारतीय आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण अंग है। नरेश दास वैष्णव 'निम्बार्क' — सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी (मानद नायब सूबेदार) — ने 24 वर्षों की सैन्य सेवा के पश्चात् 18 वर्षों के अथक शोध से इस परम्परा के गुमनाम इतिहास को प्रकाश में लाया। ऑपरेशन विजय से लेकर संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन (सिएरा लियोन, 2000) तक — और फिर बंदूक छोड़कर कलम उठाने तक — यह एक सैनिक से इतिहासकार बनने की अद्वितीय यात्रा है। प्रमुख शोध विषय: वीर बंदा बैरागी | जगतगुरु निम्बार्काचार्य | सनातन वैष्णव बैरागी परम्परा | वैष्णव बैरागी राजा | छुईखदान और राजनंदगाँव की बैरागी रियासत। 20 पुस्तकें — Amazon | Flipkart | Notion Press | 190 देशों में उपलब्ध।
Sanatan Vaishnav Bairagi History & Tradition
Preserving the history, philosophy and heritage of the Sanatan Vaishnav Bairagi tradition.
Sanatan Dharma and Sacred Traditions
Exploring the spiritual teachings and cultural values of Sanatan heritage.
राष्ट्र सेवा
निस्वार्थ समर्पण और कर्मयोग
वैष्णव संत एवं ऐतिहासिक व्यक्तित्व
सनातन वैष्णव संत एवं महान व्यक्तित्व

भगवान विष्णु – सृष्टि के पालनकर्ता 🙏
विश्व के पालनहार, धर्म के संरक्षक और करुणा के सागर। 🙏

Shri Ram – Maryada Purushottam and Ideal King of Sanatan Dharma
Shri Ram – Seventh Avatar of Vishnu

jay-shri-radhe-krishna
Jay Shri Radhe Krishna – Supreme Divine Love
प्रमुख लेख — बंदा बैरागी | निम्बार्काचार्य | वैष्णव बैरागी इतिहास
सनातन वैष्णव परम्परा, बंदा बैरागी शोध और वैष्णव बैरागी इतिहास पर आधारित चयनित महत्त्वपूर्ण लेख

"सनातन अयोध्या खंड 2: राम जन्मभूमि में वैष्णव बैरागी अखाड़ों की भूमिका — चतुर्थ शोध-यात्रा का वृत्तांत"
Research Journey
7 से 11 सितंबर 2026 तक अयोध्या की चतुर्थ शोध-यात्रा में इतिहासकार नरेश दास वैष्णव निम्बार्क ने हनुमानगढ़ी, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर, मणिराम दास छावनी, निर्मोही व दिगंबर अखाड़ा, दशरथ महल और कनक भवन तक पहुँचकर वैष्णव बैरागी परंपरा से जुड़े ऐतिहासिक साक्ष्यों का संकलन किया। महंत धर्मदास जी महाराज के साथ हुए विस्तृत साक्षात्कार में राम जन्मभूमि आंदोलन, FIR तथा न्यायालयीन दस्तावेजों से जुड़ी लगभग 300 पृष्ठों की सामग्री प्राप्त हुई। यह वृत्तांत आगामी पुस्तक "सनातन अयोध्या खंड 2" की शोध-यात्रा की पहली झलक प्रस्तुत करता है।

सनातन अयोध्या — खण्ड 2: रणभूमि से रामलला तक (21वीं पुस्तक की घोषणा)
इतिहास (History)
नरेश दास वैष्णव निम्बार्क की 21वीं पुस्तक — वैष्णव बैरागी अखाड़ों की संघर्ष-गाथा, अयोध्या से।

“अयोध्या का वह इतिहास जो किताबों में नहीं मिलता — एक पूर्व सैनिक की शोध-यात्रा”
Sanatan History & Heritage
अयोध्या के इतिहास को समझने के लिए केवल पुस्तकों के पन्ने ही पर्याप्त नहीं—स्थल, परंपराएँ, अखाड़े, संत-परंपरा और उपलब्ध प्रमाण भी महत्वपूर्ण हैं। एक पूर्व सैनिक इतिहासकार की यह शोध-यात्रा अयोध्या के उन ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पक्षों को प्रत्यक्ष रूप से समझने का प्रयास है, जो सामान्य पुस्तकों में विस्तार से नहीं मिलते। यह यात्रा प्रमाणित तथ्यों, स्थानीय परंपराओं और मौखिक कथनों को अलग-अलग रखते हुए शोध-सामग्री संकलित करती है।
नरेश दास वैष्णव निम्बार्क की पुस्तकें
"सनातन वैष्णव बैरागी परम्परा, बंदा बैरागी और निम्बार्काचार्य पर आधारित 18 पुस्तकें (8 हिंदी + 10अंग्रेज़ी) -

सनातन अयोध्या: श्रीराम की जन्मभूमि और भारतीय सभ्यता
Published 2026

Sanatan Ayodhya: The Birthplace of Sri Ram and Indian Civilisation
Published 2026

Sanatan Bharat — Naya Savera (19th Issue, August 2026)
Published 2026
सनातन वैष्णव चित्र संग्रह
सनातन वैष्णव संत, बैरागी योद्धा एवं महान ऐतिहासिक व्यक्तित्व





